Farmers protest delhi violence

दिल्ली पुलिस को गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा से संबंधित अब तक 1,700 वीडियो क्लिप और सीसीटीवी फुटेज जनता से प्राप्त हुई हैं तथा इस सामग्री का विश्लेषण करने और दोषियों की पहचान करने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) बी. के. सिंह ने शनिवार को यह जानकारी दी।

सिंह ने कहा कि नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी की एक टीम को हिंसा से संबंधित वीडियो क्लिप और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने के लिए बुलाया गया है। हिंसा में 394 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे और एक प्रदर्शनकारी की मौत भी हो गई थी। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को प्रमुख समाचार पत्रों में एक अपील जारी की थी जिसमें लोगों से हिंसा के बारे में कोई सबूत या जानकारी साझा करने के लिए कहा गया था।

दिल्ली पुलिस गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के संबंध में अब तक 38 मामले दर्ज कर चुकी है, 84 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 

वहीं किसान आंदोलन की कमजोर पड़ती स्थिति को लेकर भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैट का भावुक होना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गांवों में अनेक लोगों के मन को छू गया और इनमें से कई भावुक हो गए तथा रातभर सोए नहीं।


बुलंदशहर के चरौरा गांव के प्रमुख पंकज प्रधान (52) सहित कई किसानों ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘हमारे गांव में लोग रातभर नहीं सोए। हम कैसे सो सकते थे। उनका भावुक होना हमारे दिल को छू गया। उसी रात हम लोगों ने टिकैत जी को पानी देने के लिए प्रदर्शन स्थल गाजीपुर बॉर्डर जाना शुरू कर दिया। उनके आंसू देखकर हमारे भी आंसू आ गए।’’

 Source - Republic Bharat