Cm amrinder singh formed a team of 70 lawyers

किसान यूनियनों ने छह फरवरी को ‘चक्का जाम’ किये जाने की घोषणा सोमवार को की। वे अपने आंदोलन स्थलों के निकट क्षेत्रों में इंटरनेट प्रतिबंध, अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न और अन्य मुद्दों के खिलाफ तीन घंटे तक राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को अवरुद्ध कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

लेकिन वहीं दिल्ली में 26 जनवरी को हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस आरोपियों पर शिकंजा कस रही हैं वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री आरोपियों के बचाव में उतर आएं हैं और उन्हें कानूनी मदद पेश करने का ऐलान किया है। दरअसल अमरिंदर सरकार ने मुकदमे लड़ने के लिए 70 वकीलों की टीम बनाई है। ये वकील मुफ्त में दंगों के आरोपियों के केस लड़ेंगे। 

ट्रैक्टर मार्च के दौरान गायब हुए लोगों के लिए भी हेल्पलाइन नंबर 112 जारी किया गया है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का यह ऐलान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान जारी कर दावा किया था कि 100 से ज्यादा किसान ट्रैक्टर मार्च के बाद से लापता हैं। 

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गौरतलब है कि  दिल्ली हिंसा मामले में 44 FIR दर्ज कर हुई हैं जिसमें 122 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर सभी आरोपियों के नाम डाले गए हैं वहीं नियन के नेताओं ने यहां सिंघू बॉर्डर पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वे छह फरवरी की दोपहर 12 बजे से अपराह्र तीन बजे तक सड़कों को अवरुद्ध करेंगे।


उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बजट 2021-22 में किसानों की ‘‘अनदेखी’’ की गई है, और उनके विरोध स्थलों पर पानी और बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गई है।


संयुक्त किसान मोर्चा ने यह भी आरोप लगाया कि किसान एकता मोर्चा के ट्विटर अकाउंट और ‘ट्रैक्टर2ट्विटर’ नाम के एक उपयोगकर्ता को प्रतिबंधित कर दिया गया है।


स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि ट्विटर अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई ‘‘सरकारी अधिकारियों के अनुरोध’’ पर की गई है।


उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बजट में ‘‘कृषि क्षेत्र के आवंटन को कम कर दिया गया है।’’


पंजाब के एक किसान नेता और एसकेएम से जुड़े बलबीर सिंह राजेवाल ने संवाददाताओं को बताया कि विभिन्न यूनियनों के साथ चर्चा के बाद छह फरवरी को 'चक्का जाम' की रूपरेखा पर फैसला किया जाएगा।


राजेवाल ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान दावा किया कि कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, इसके अलावा कई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें एक पत्रकार भी शामिल है।


उन्होंने कहा, "हमारा 6 फरवरी का विरोध उन पत्रकारों पर किए गए उत्पीड़न के खिलाफ भी होगा, जो जमीनी सच्चाई को सामने ला रहे हैं।"

Source - Republic Bharat