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pm modi rajyasabha speech new farm law manmohan singh pawar

किसान आंदोलन (Kisan Andolan) के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में जवाब दिया। इस दौरान पीएम मोदी नए कृषि कानून को लेकर विपक्ष को जमकर खरी खोटी सुनाई। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने कांग्रेस पर कृषि कानूनों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक बयान का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि सदन में किसान आंदोलन की भरपूर चर्चा हुई है। ज्यादा से ज्यादा समय जो बात बताई गईं वो आंदोलन के संबंध में बताई गई। किस बात को लेकर आंदोलन है उस पर सब मौन रहे। जो मूलभूत बात है, अच्छा होता कि उस पर भी चर्चा होती। साथ ही उन्होंने किसानों से आंदोलन खत्म करने की भी अपील की 

पीएम मोदी ने कहा कि मनमोहन सिंह जी ने किसान को उपज बेचने की आज़ादी दिलाने, भारत को एक कृषि बाज़ार दिलाने के संबंध में अपना इरादा व्यक्त किया था और वो काम हम कर रहे हैं। आप लोगों को गर्व होना चाहिए कि देखिए मनमोहन सिंह जी ने कहा था वो मोदी को करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि शरद पवार, कांग्रेस और हर सरकार ने कृषि सुधारों की वकालत की है कोई पीछे नहीं है। मैं हैरान हूं अचानक यूटर्न ले लिया। आप आंदोलन के मुद्दों को लेकर इस सरकार को घेर लेते लेकिन साथ-साथ किसानों को कहते कि बदलाव बहुत जरूरी है तो देश आगे बढ़ता।

प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि मेहरबानी कर देश में भ्रम न फैलाएं। हमें तय करना होगा कि हम समस्या का हिस्सा बनना चाहते हैं कि समाधान का हिस्सा बनने चाहते हैं। समस्या का हिस्सा बनने पर राजनीति तो चल जाएगी, लेकिन समाधान का माध्यम बनते हैं तो राष्ट्रनीति को चार चांद लग जाता है। हम नीतियों को भी बदलेंगे और परिणाम भी प्राप्त कर सकेंगे।