Indigenous app koo
माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने बुधवार को कहा कि उसने भारत सरकार के दवाब में उसके ‘‘केवल भारत में ही’’ कुछ आकउंट को बंद करने के निर्देश के तहत कुछ आकउंट पर रोक लगाई है। हालांकि, नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं, राजनीतिज्ञों एवं मीडिया के ट्विटर हैंडल को ब्लॉक नहीं किया है क्योंकि ऐसा करने से अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार का उल्लंघन होगा। अब मोदी सरकार ने इस मामले में एक अपडेट साझा किया है, हालांकि, इसमें एक ट्विस्ट है।

ट्विटर के स्वदेशी विकल्प 'कू' (Koo) का सहारा लेते हुए, केंद्र ने ट्विटर के ब्लॉग पोस्ट अपडेट को "असामान्य" करार दिया है। मंगलवार को ट्विटर ने कहा कि वह सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के साथ औपचारिक बातचीत की मांग कर रहा है जब भारत सरकार ने ट्विटर पर 1,178 अकाउंट को ब्लॉक करने के लिए नए नोटिस जारी किए थे, जिनके ऊपर खालिस्तानी से जुड़े होने या पाकिस्तान द्वारा समर्थित होने का संदेह है।


 आईटी मंत्रालय ने ट्विटर के बजाय घरेलू सोशल मीडिया ऐप कू पर यह संदेश पोस्ट किया। इससे पहले सूत्रों ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क को सूचित किया था कि भारत सरकार अपने रुख पर बहुत स्पष्ट है कि नफरत वाली सामग्री को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस बारे में रुख स्पष्ट करने की मांग पर ट्विटर ने ब्लॉगपोस्ट में कहा कि नुकसानदेह सामग्री कम नजर आए इसके लिए उसने कदम उठाए हैं जिनमें ऐसे हैशटैग को ट्रेंड करने से रोकना एवं खोजने के दौरान इन्हें देखने की अनुशंसा नहीं करना शामिल है।